Padaav (Hindi) : A Very Interesting And Inspiring Novel That Opens The Eyes Of The Society | Contemporary Fiction | Indian Writing-Amar Goswami
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Padaav (Hindi) : A Very Interesting And Inspiring Novel That Opens The Eyes Of The Society | Contemporary Fiction | Indian Writing-Amar Goswami
About the Products:
प्रसन्न बाबा ने रघु के लाए दूध के बरतन को देवी के सामने रख दिया। बोले, ‘‘माँ, अपने एक भक्त की लाई हुई भेंट ग्रहण करो। आज इसी से हम तुम्हारी पूजा प्रारंभ कर रहे हैं।’’ बनवारी दौड़कर कुछ फूल तोड़ लाया। प्रसन्न बाबा ने उसे देवी के चरणों में चढ़ा दिया। पूजा के बाद प्रसन्न बाबा ने वही दूध प्रसाद के रूप में सबको बाँट दिया। बचा हुआ प्रसाद उन्होंने खुद भी ग्रहण किया। रघु ने कहा, ‘‘बाबाजी, दूध तो आपके लिए लाया था। आप थके हुए थे। भूखे भी होंगे। आपने इस दूध को हम सबमें बाँट दिया। आपके लिए और दूध ले आऊँ?’’ इसी उपन्यास से आज के संत समाज को आईना दिखानेवाला ऐसा उपन्यास, जिसके नायक प्रसन्न बाबा बिना कोई काम किए किसी से भिक्षा तक नहीं लेते। वह भिक्षा के बदले गृहस्थों से काम देने का आग्रह करते हैं। वह समाज पर बोझ नहीं बनना चाहते, बल्कि एक अनुपम आदर्श बनना चाहते हैं। संत होकर एक सिपाही, एक किसान, एक मजदूर की तरह पसीना बहाते हैं। समाज की आँखें खोलनेवाला अत्यंत रोचक एवं प्रेरणाप्रद उपन्यास।
Language: Hindi
Page No: 200
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