Gyan Yoga (Jnana Yoga) Living At The Source: Yoga Teachings Of Vivekananda In Hindi-Swami Vivekanand
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Gyan Yoga (Jnana Yoga) Living At The Source: Yoga Teachings Of Vivekananda In Hindi-Swami Vivekanand
About the Products:
स्वामी विवेकानंद का ग्रंथ "ज्ञानयोग" एक ऐसी अमृत वर्षा है, जो मानव जीवन के हर पहलू को स्पर्श करती है। यह पुस्तक न केवल धर्म और अध्यात्म के गूढ़ रहस्यों को उजागर करती है, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है। ज्ञानयोग क्या है: ज्ञानयोग का अर्थ है ज्ञान के माध्यम से आत्मज्ञान की प्राप्ति करना। यह एक ऐसा मार्ग है जिसमें हम अपने मन को शांत करके अपने भीतर के सत्य को जानते हैं। ज्ञानयोग के लाभ: ज्ञानयोग करने से हम तनाव, चिंता और निराशा से मुक्त हो जाते हैं। हमें आत्मविश्वास और शांति मिलती है। हम जीवन के उतार-चढ़ाव को शांति से स्वीकार करने लगते हैं। ज्ञानयोग का मार्ग: ज्ञानयोग का मार्ग साधना और ध्यान के माध्यम से प्राप्त किया जाता है। हमें नियमित रूप से ध्यान करना चाहिए और अच्छे विचारों को मन में पालना चाहिए। ज्ञानयोग और समाज सेवा: स्वामी जी ने ज्ञानयोग को केवल व्यक्तिगत विकास का साधन नहीं माना है, बल्कि उन्होंने इसे समाज सेवा से जोड़ा है। उन्होंने कहा है कि ज्ञान प्राप्त करने के बाद हमें समाज के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। ज्ञानयोग और सभी धर्म: स्वामी जी ने सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण रखा है। उन्होंने कहा है कि सभी धर्मों का मूल एक ही है और सभी धर्मों का उद्देश्य मानव कल्याण है। "ज्ञानयोग" एक ऐसी पुस्तक है जो हर व्यक्ति को पढ़नी चाहिए। यह पुस्तक हमें जीवन का सही मार्ग दिखाती है और हमें एक बेहतर इंसान बनने में मदद करती है।
Language: Hindi
Page No: 232
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