Suno Bachcho, Adivasi Sangharsh Ke Nayak Shibu Soren (Guruji) Ki Gatha-Anuj Kumar Sinha | Grocsy

Suno Bachcho, Adivasi Sangharsh Ke Nayak Shibu Soren (Guruji) Ki Gatha-Anuj Kumar Sinha

Paperback
$12.03
Sale price  $12.03 Regular price  $13.37
Skip to product information
Suno Bachcho, Adivasi Sangharsh Ke Nayak Shibu Soren (Guruji) Ki Gatha-Anuj Kumar Sinha | Grocsy

Suno Bachcho, Adivasi Sangharsh Ke Nayak Shibu Soren (Guruji) Ki Gatha-Anuj Kumar Sinha

$12.03
Sale price  $12.03 Regular price  $13.37
FormatPaperback
In stock

FREE shipping on orders above $55.00 USD

Shipping
Cart Value
(USD)
Greater
than $55
$35-$54.99 $25-$34.99 $15-$24.99 Less than
$14.99
Shipping
Rates(USD)
FREE $5.97 $9.97 $11.97 $16.97

Enjoy hassle-free 14-day returns. Learn more in our Return Policy.

Dispatched
24 hrs Toll-free Support
Returns
14-Day Hassle-Free Returns
Quality
Premium quality & authenticity
SSL
SSL-secured transactions
 

Suno Bachcho, Adivasi Sangharsh Ke Nayak Shibu Soren (Guruji) Ki Gatha-Anuj Kumar Sinha

About the Products:

शिबू सोरेन यानी गुरुजी यानी दिशोम गुरु झारखंड आंदोलन और झारखंड के सबसे बड़े आदिवासी नेता रहे हैं। उन्होंने झारखंड राज्य के लिए 40 साल से ज्यादा संघर्ष किया। अधिकांश समय जंगलों में रहकर संघर्ष में काटा, आदिवासियों को महाजनों के चंगुल से मुक्ति दिलाई। लेकिन देश उनके इस संघर्ष को नहीं जानता। युवा पीढ़ी को तो पुराने शिबू सोरेन के बारे में जानकारी ही नहीं है। इस पुस्तक में यही प्रयास किया गया है कि देश-दुनिया का परिचय असली शिबू सोरेन से कराया जाए। इसलिए इस पुस्तक में उन घटनाओं और संघर्ष को प्रमुखता से उठाया गया है, जिसे लोग नहीं जानते हैं । पिता की हत्या के बाद शिबू सोरेन कैसे आंदोलन में कूदे, कैसे वे कई बार मौत के मुँह से जाने से बचे, कैसे उन्होंने पारसनाथ की पहाड़ियों की तलहटी में बसे गाँवों में अपना ठिकाना बनाकर आदिवासियों को एकजुट किया-- यह सारी जानकारी इस पुस्तक में है। आपातकाल के बाद समर्पण कर जंगल से बाहर आना, जेल जाना, वहाँ से निकलकर बाद में इंदिरा गांधी से मुलाकात करने तक की जानकारी इस पुस्तक में है। शिबू सोरेन के पुराने साथियों को खोज- खोजकर उनसे बात करके जानकारी हासिल की गई। उनके राजनीतिक जीवन का भी विस्तार से जिक्र है। शिबू सोरेन के स्वभाव, उनकी जीवन शैली आदि की भी चर्चा पुस्तक में है। शिबू सोरेन ने कैसे और कब-कब चुनाव लड़ा, कब मंत्री- मुख्यमंत्री बने, कैसे वे संकट में भी फैसे, कैसे वे इससे उबरे, इन सभी बातें की चर्चा पुस्तक में है। इस पुस्तक को पढ़ने से शिबू सोरेन की पूरी जिंदगी, उनके संघर्ष आदि की संपूर्ण जानकारी पाठक को मिल जाए, ऐसा प्रयास रहा है। पुस्तक में कुछ रोमांचक और दुर्लभ तसवीरें इसकी रोचकता को और बढ़ाती है।

Language: Hindi

Page No: 40

Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

You may also like