Samras Samaj: विकसित भारत का आधार-Dr. Himanshu Agarwal::Ashok Kumar Beri
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Samras Samaj: विकसित भारत का आधार-Dr. Himanshu Agarwal::Ashok Kumar Beri
About the Products:
भारतीय समाज की मूल पहचान उसकी विविधता में निहित एकता रही है। यह विविधता भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, जब वह समन्वय, सौहार्द और आपसी सम्मान के भाव से पोषित होती है, तभी समाज में विश्वास, सहयोग और सामूहिक प्रगति का वातावरण निर्मित होता है। इसी समन्वित चेतना से समरस समाज का स्वरूप उभरता है, जो न केवल सामाजिक एकता को सुदृढ़ करता है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला भी रखता है। यह पुस्तक 'समरस समाज : विकसित भारत का आधार' इस मूल विचार को केंद्र में रखकर लिखी गई है। इसका उद्देश्य सामाजिक समरसता को केवल एक विषय के रूप में प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि उसे भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन-मूल्यों से जोड़ते हुए समाज एवं राष्ट्र के निर्माण की आधारभूत शक्ति के रूप में रेखांकित करना है। यह पुस्तक इस तथ्य को स्पष्ट करती है कि किसी भी राष्ट्र का स्थायी और समग्र विकास तभी संभव है, जब समाज आंतरिक रूप से समरस, संगठित और एकात्म भाव से जुड़ा हुआ हो। आशा है, यह पुस्तक पाठकों में सामाजिक समरसता के प्रति स्पष्ट दृष्टि, सकारात्मक भाव और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को सुदृढ़ करेगी तथा उन्हें एक समरस, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगी।
Language: Hindi
Page No: 192
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