Lachit Borphukan: The Great Warrior Known For Commanding The Ahom Army Who Defeated AurangzebS Army-Raktim Patar
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Lachit Borphukan: The Great Warrior Known For Commanding The Ahom Army Who Defeated AurangzebS Army-Raktim Patar
About the Products:
अरब से चलकर लगातार बढ़ा चला आ रहा इसलाम का दुर्दात प्रवाह ब्रह्मपुत्र के किनारे पर आकर क्यों शांत हो जाता था ? वह अपने पैर आगे क्यों नहीं पसार सका? इसलाम की इस विनाशकारी लहर को भारत की पूर्व दिशा में किसने थामकर रखा ? बर्बर आक्रमणकारियों के इन कदमों को ब्रह्मपुत्र के तट पर निस्तेज करने वाली असम की शक्तियों का जयघोष करती इस पुस्तक में एक पराक्रमी पुरुष की वीरगाथा है- वह वीर, जो इस विशाल मुगल सेना के आगे अपने कुछ हजार साथियों को लेकर चट्टान की भाँति डटा रहा। न डरा और न भयभीत हुआ, न कभी निराश और न परेशान। अपनी पवित्र मातृभूमि की रक्षा का संकल्प ही उसके जीवन का एकमात्र व्रत था। वह अपनी इस प्रतिज्ञा की रक्षा के लिए ही जी रहा था और इसी हेतु अपना सबकुछ दाँव पर लगाकर अपनी सेना में अदम्य शौर्य का संचार करता था। यह कौन था? यह था 'लाचित बरफुकन !' असम की सेना का महानायक, जिसके सम्मुख औरंगजेब का सेनापति राजा रामसिंह अंततोगत्वा हार स्वीकार कर अपमानित होकर वापस चला गया तथा लज्जा के कारण छह वर्षों (1670-76 ई.) तक दिल्ली जाने का साहस न जुटा सका और रंगामाटी (बंगाल) में ही टिका रहा। अदम्य साहस, पराक्रम, शौर्य और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने वाले शूरवीर 'लाचित बरफुकन' की प्रेरक शौर्यगाथा।
Language: Hindi
Page No: 224
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