Brahmaputra-Devendra Satyarthi | Grocsy

Brahmaputra-Devendra Satyarthi

paperback
$20.20
Sale price  $20.20 Regular price  $28.54
Skip to product information
Brahmaputra-Devendra Satyarthi | Grocsy

Brahmaputra-Devendra Satyarthi

$20.20
Sale price  $20.20 Regular price  $28.54
Formatpaperback
In stock

FREE shipping on orders above $55.00 USD

Shipping
Cart Value
(USD)
Greater
than $55
$35-$54.99 $25-$34.99 $15-$24.99 Less than
$14.99
Shipping
Rates(USD)
FREE $5.97 $9.97 $11.97 $16.97

Enjoy hassle-free 14-day returns. Learn more in our Return Policy.

Dispatched
24 hrs Toll-free Support
Returns
14-Day Hassle-Free Returns
Quality
Premium quality & authenticity
SSL
SSL-secured transactions
 

Brahmaputra-Devendra Satyarthi

About the Products:

भारत की नदियों का वर्णन करते हुए व्यासजी ने उन्हें 'विश्वस्य मातरः' कहा है। सचमुच नदियाँ लोकमाता ही होती हैं। लेकिन सब नदियों को हम माता नहीं कहते। विश्वामित्र ने तमसा नदी को अपनी बहन कहा है। हमारे गाँव की छोटी मार्कंडी मेरी छोटी बहन है। हम बचपन में साथ बहुत खेले हैं। यमुना नदी काल भगवान् यमराज की बहन है और गुजरात की ताप्ती या तपती नदी तो यमराज के पिता सूर्यनारायण की पुत्री कही जाती है। ब्रह्मपुत्र का दर्शन मैंने सदिया और परशुराम कुंड (ब्रह्मपुत्र) से लेकर गोवालंदी तक और आगे जाकर पद्मा और मेघना के नाम से किया है। ब्रह्मपुत्र न बहन है, न माता। वह तो सृजन और संहार की लीला में मस्त एक देवता है। पृथ्वी के भूचाल भी ब्रह्मपुत्र की उसी लीला में मदद करते हैं। युद्ध-धर्म का उत्कर्ष बताने वाले क्षत्रियों का संहार करते-करते ब्राह्मणवीर परशुराम को कहीं भी शांति नहीं मिलती थी। उसे वह ब्रह्मपुत्र के किनारे मिली और यहाँ पर उसने अपने हत्यारे परशु का त्याग किया था। हमारे पूर्वजों ने अपने ढंग से नदियों के स्तोत्र और नदियों के पुराण बनाए। अब हमारे जमाने के साहित्यकारों को चाहिए कि वे आधुनिक ढंग से नदियों के स्तोत्र और नदियों के पुराण हमें दे दें। श्री देवेंद्र सत्यार्थी ने अपने उपन्यास 'ब्रह्मपुत्र' द्वारा नदी-पुत्रों के लोकजीवन का पुराण प्रस्तुत किया है। हमारे संस्कृत पुराणों में ऋषि-मुनि, राजा-महाराजा और देवी-देवताओं की भरमार होती है। अब लोकयुग शुरू हुआ है। अब तो हमारे पुराण लोकजीवन को ही प्राधान्य देंगे। इसका प्रारंभहम 'ब्रह्मपुत्र' में पाते हैं। - काका कालेलकर

Language: Hindi

Page No: 320

Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

You may also like